नदी के रास्ते गाय तस्करी, भारत से डायरेक्ट बांग्लादेश
सिर्फ गाय का मुंह पानी के बाहर रहता था। केले के पेड़ के तने के सहारे गाय नदी के उस पार बांग्लादेश पहुंच जाती थी।
सिर्फ गाय का मुंह पानी के बाहर रहता था। केले के पेड़ के तने के सहारे गाय नदी के उस पार बांग्लादेश पहुंच जाती थी।
असम के धुबरी में ब्रह्मपुत्र नदी के रास्ते से गाय की तस्करी हो रही है। एक हफ्ते में तीसरी बार इस रास्ते से गाय के स्मगलर पकड़े गए। सबसे पहले धुबरी में गाय तस्कर केले के पेड़ के तने से गाय को बांध देते थे और फिर गाय को नदी में छोड़ देते थे। सिर्फ गाय का मुंह पानी के बाहर रहता था। केले के पेड़ के तने के सहारे गाय नदी के उस पार बांग्लादेश पहुंच जाती थी। वहां बांग्लादेश के स्मगलर गाय को अपने साथ ले जाते थे और फिर कसाईघर में उन्हें मार दिया जाता था।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पांच गाय तस्करों को पकड़ा। इसके बाद सलपारा से 70 गायों को बचाया गया। इन गायों को भी नाव के जरिए बॉर्डर पार भेजा जा रहा था। बीएसएफ और पुलिस को खबर मिली तो छापा मारा गया और गाय को बचा लिया गया। लेकिन स्मगलर्स भाग गए। इसी तरह हाजीपाड़ा में भी 55 गाय को बचाया गया। पुलिस को नाव से पांच लाख रुपए भी मिले।
दरअसल बांग्लादेश से विदेश में बीफ एक्सपोर्ट किया जाता है। असम में गाय स्मगलर का गैंग काम करता है। ये स्मगलर सीधे बांग्लादेश के तस्करों से संपर्क में रहते हैं। दोनों देश के बीच ब्रह्मपुत्र नदी है जहां चौकीदारी कम है, इसी का फायदा उठाकर इधर से गाय उधर भेजी जाती है। लेकिन अब असम सरकार और बीएसएफ दोनों ने सख्ती की है, जिसका नतीजा देखने को मिल रहा है।



